देहरादून। इन्दिरा मार्केट पुनर्विकास योजना में लंबे समय से हो रही देरी और निर्माण कार्य ठप होने के विरोध में बुधवार को प्रभावित व्यापारियों एवं स्थानीय नागरिकों ने मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने प्राधिकरण के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए योजना को शीघ्र पुनः शुरू करने और प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने की मांग उठाई।
व्यापारियों का कहना है कि वर्ष 2016 में शुरू की गई इन्दिरा मार्केट पुनर्विकास योजना लगभग एक दशक बाद भी अधूरी है। करीब 450 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का निर्माण कार्य पिछले डेढ़ महीने से पूरी तरह बंद पड़ा है। परियोजना से जुड़े वित्तीय संकट और डीपीआर में तकनीकी आपत्तियों के चलते काम रुक गया है, जिससे सैकड़ों परिवार प्रभावित हो रहे हैं।
प्रभावितों के अनुसार बाजार क्षेत्र में करीब 655 दुकानदारों की आजीविका इस परियोजना से जुड़ी हुई है। निर्माण कार्य बंद होने के कारण व्यापारियों के सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है और बाजार परिसर वीरान नजर आ रहा है।
ज्ञापन में व्यापारियों ने सरकार और प्राधिकरण से चार प्रमुख मांगें रखीं। इनमें परियोजना को दोबारा शुरू करने के लिए आवश्यक धनराशि जारी करना, प्रभावितों को अंतरिम राहत एवं वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराना, पूर्व स्वीकृत नक्शे के अनुसार निर्माण कार्य की अनुमति देना तथा जिला प्रशासन की नियमित निगरानी में निर्धारित समय सीमा के भीतर परियोजना को पूरा करना शामिल है।
व्यापारियों ने बताया कि इससे पहले भी 31 मार्च और 2 अप्रैल 2026 को जिलाधिकारी तथा आवास सचिव को ज्ञापन सौंपा गया था। आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने MDDA को बैठक आयोजित कर समाधान निकालने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हो सकी है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी परियोजना में हो रही देरी पर चिंता जताई है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इस दौरान यूनियन अध्यक्ष दिनेश सती, सीपीएम देहरादून सचिव अनन्त आकाश, उपाध्यक्ष अशोक सचदेवा सहित बड़ी संख्या में प्रभावित व्यापारी मौजूद रहे। वहीं MDDA की ओर से परियोजना प्रभारी एवं अधिशासी अभियंता सुनील कुमार ने प्रतिनिधिमंडल से वार्ता कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
