देहरादून। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री गणेश जोशी द्वारा पत्रकारों और मीडिया चैनलों के संबंध में की गई टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी ने बयान जारी कर कहा कि मंत्री की टिप्पणी लोकतांत्रिक मूल्यों और मीडिया की गरिमा के खिलाफ है।
सीपीएम ने कहा कि पत्रकारों और मीडिया संस्थानों को अपमानजनक शब्दों से संबोधित करना न केवल अनुचित है, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का भी अनादर है। पार्टी के अनुसार मीडिया समाज और शासन के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है, जिसकी भूमिका लोकतांत्रिक व्यवस्था में बेहद अहम मानी जाती है।
पार्टी ने अपने बयान में कहा कि पत्रकारिता एक पेशेवर और शैक्षणिक क्षेत्र है, जिसमें प्रशिक्षित युवा विभिन्न पाठ्यक्रमों के माध्यम से शिक्षा प्राप्त कर मीडिया जगत में कार्य करते हैं। साथ ही पत्रकार मीडिया कानूनों और प्रेस से जुड़े नियमों एवं संस्थाओं की जानकारी रखते हैं।
सीपीएम ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले जनप्रतिनिधियों को अपने वक्तव्यों में संयम बरतना चाहिए। पार्टी ने मंत्री गणेश जोशी से अपनी टिप्पणी पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि इससे मीडिया कर्मियों की भावनाओं को ठेस पहुंची है।
पार्टी का कहना है कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए मीडिया और जनप्रतिनिधियों के बीच सम्मानजनक संवाद बनाए रखना आवश्यक है।
