Breaking News

आशा कार्यकत्रियों ने खोला सरकार के खिलाफ मोर्चा, अपनी मांगों को लेकर किया प्रदर्शन

आशा कार्यकत्रियों ने खोला सरकार के खिलाफ मोर्चा, अपनी मांगों को लेकर किया प्रदर्शन

देहरादून। सीटू से संबद्ध उत्तराखंड आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री यूनियन ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को देहरादून में रैली निकालकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। गांधी पार्क से शुरू हुई रैली राजपुर रोड, घंटाघर, दर्शनलाल चौक, तहसील चौक और गांधी रोड होते हुए जिला मुख्यालय पहुंची। प्रदर्शन के बाद आशा कार्यकत्रियों ने प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। नायब तहसीलदार सदर जितेंद्र रावत ने आशाओं के बीच पहुंचकर ज्ञापन लिया।

जिला मुख्यालय पहुंचने पर मुख्य द्वार बंद होने से आशा कार्यकत्रियां नाराज हो गईं। इस दौरान उनकी पुलिस से धक्का-मुक्की भी हुई। बाद में पुलिस प्रशासन ने गेट खोलकर सभी आशा कार्यकत्रियों को जिला मुख्यालय परिसर में प्रवेश दिया। इसके बाद परिसर में सभा आयोजित की गई।

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आशा कार्यकत्रियां 24 घंटे अपनी सेवाएं देती हैं। रात में भी मरीजों की कॉल आने पर उन्हें तत्काल जाना पड़ता है। ऐसे में उन्हें सम्मानजनक मानदेय दिया जाना चाहिए। यूनियन ने आशाओं के लिए 26 हजार रुपये न्यूनतम वेतन देने की मांग उठाई।

आशा कार्यकत्रियों ने उनके मानदेय और अन्य प्रोत्साहन राशि का भुगतान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के माध्यम से किए जाने के आदेश का भी विरोध किया। उनका कहना था कि एनएचएम के माध्यम से पहले भी भुगतान में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में मानदेय और इंसेंटिव का भुगतान एनएचएम से किए जाने पर उनकी परेशानियां और बढ़ सकती हैं।

यूनियन ने सभी अस्पतालों में आशा घर बनाए जाने की भी मांग की। वक्ताओं ने कहा कि 3 मार्च 2024 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ आशा, भोजनमाता और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की बैठक हुई थी। इस दौरान मानदेय बढ़ाने और हाई पावर कमेटी गठित करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी तक मानदेय में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से 2019 से और राज्य सरकार की ओर से 2021 से मानदेय नहीं बढ़ाया गया है।

आशा कार्यकत्रियों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष शिव दुबे ने कहा कि सरकार ने मांगों पर कार्रवाई नहीं की तो आगामी 18, 19 और 20 नवंबर को महापड़ाव में शामिल होकर बड़ी संख्या में राजधानी का घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा। साथ ही 1 और 2 दिसंबर को दिल्ली में प्रस्तावित महापड़ाव में भी बड़ी संख्या में आशा कार्यकत्रियों के शामिल होने की बात कही गई।

इस दौरान सीटू के महामंत्री लेखराज, जिला सचिव अभिषेक भंडारी, हिमांशु चौहान, कोषाध्यक्ष रविंद्र नौटियाल, आंदोलन संयोजक अनंत आकाश, यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष शिव दुबे, महामंत्री लोकेश, कोषाध्यक्ष कलावती चंदोला और जिला अध्यक्ष सुनीता चौहान समेत अन्य ने विचार रखे। एसएफआई के प्रांतीय अध्यक्ष नितिन मजेठा, जिला सचिव अयाज खान और डीएवी कॉलेज छात्रसंघ में उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी शैलेंद्र नेगी ने भी प्रदर्शनकारी आशा कार्यकत्रियों को समर्थन दिया।

इससे पहले गांधी पार्क में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अंकिता भंडारी को श्रद्धांजलि दी गई। आशा कार्यकत्रियों ने दो मिनट का मौन रखकर मामले में दोषी को सजा दिलाने की मांग की।

प्रदर्शन में सीमा, नीरज यादव, नीरा कंडारी, राधा गुप्ता, रत्ना कांति, इंदु रावत, कल्पेश्वरी, नीलम समेत बड़ी संख्या में आशा कार्यकत्रियां मौजूद रहीं।