देहरादून। उत्तराखंड राज्य कर मिनिस्ट्रीयल स्टॉक एसोसिएशन के आह्वान पर राज्य कर भवन, लक्ष्मी रोड पर कर्मचारियों ने लंबित मांगों के समर्थन में एक घण्टे का सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन संघ द्वारा पहले घोषित चरणबद्ध आंदोलन के तीसरे चरण के तहत आयोजित किया गया।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में कर्मचारी ढांचे का पुनर्गठन एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। विभाग में अधिकारियों के ढांचे में 2008, 2015 और 2024 में सुधार किया गया, जबकि कर्मचारियों के पदों में 2006 के बाद कोई वृद्धि नहीं हुई। वर्तमान में विभाग में 481 अधिकारी हैं, जबकि कर्मचारियों की संख्या 777 है। कर्मचारियों का कहना है कि पदोन्नति में देरी, कार्मिकों के आवास की समस्याएँ और नई नियमावली निर्माण जैसे मुद्दों पर अभी तक कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं हुई है।

इस मौके पर राज्य कर कर्मचारियों ने अपना विरोध जताते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों को नहीं माना गया, तो वे कार्यबहिष्कार करने पर मजबूर होंगे। परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अरुण पाण्डेय ने भी कर्मचारियों के समर्थन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए कहा कि उनकी मांगें उचित हैं और उनका समर्थन किया जाएगा।
स्थानीय शाखा अध्यक्षा श्रीमती महिमा कुकरेती ने सम्बोधित करते हुए चेतावनी दी कि अगर शासन प्रशासन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देता, तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।

प्रदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन नेगी, संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अरुण पाण्डेय, प्रदेश संगठन मंत्री सुरेश शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता सुनील निरंजन, स्थानीय शाखा अध्यक्षा महिमा कुकरेती के साथ कई अन्य अधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।
कर्मचारियों ने कहा कि उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण था और यह केवल प्रशासन से उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई की उम्मीद जताने के लिए किया गया।
