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शहीदों को श्रद्धांजलि के साथ राज्य आंदोलनकारी मातृशक्ति का सम्मान, रक्तदाताओं को बांटे प्रमाण पत्र

शहीदों को श्रद्धांजलि के साथ राज्य आंदोलनकारी मातृशक्ति का सम्मान, रक्तदाताओं को बांटे प्रमाण पत्र

देहरादून। मसूरी गोलीकांड के शहीदों और उत्तराखंड राज्य आंदोलन के प्रमुख आंदोलनकारी रहे स्वर्गीय रणजीत सिंह वर्मा की पुण्य स्मृति में बुधवार को कचहरी स्थित शहीद स्मारक में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान राज्य आंदोलनकारी मातृशक्ति को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया और शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

कार्यक्रम में स्वर्गीय रणजीत सिंह वर्मा मेमोरियल के सचिव मोहन सिंह खत्री ने रक्तदान करने वाले लोगों को प्रमाण पत्र वितरित किए। उन्होंने युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान करने की अपील करते हुए कहा कि रक्तदान जरूरतमंद लोगों की जिंदगी बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इससे पहले मोहन सिंह खत्री ने मसूरी पहुंचकर मसूरी गोलीकांड के शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की और उनके बलिदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य के निर्माण में आंदोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

वक्ताओं ने आंदोलनकारियों के योगदान को किया याद

श्रद्धांजलि सभा में उत्तराखंड क्रांति दल के प्रदेश अध्यक्ष सुरेन्द्र कुकरेती, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. अतुल शर्मा, मंच सलाहकार केशव उनियाल, जयदीप सकलानी, कार्यक्रम संचालक पूरण सिंह और जनगीत गायक सतीश धौलाखंडी समेत कई वक्ताओं ने विचार रखे।

वक्ताओं ने मसूरी गोलीकांड के शहीदों के साथ ही स्वर्गीय रणजीत सिंह वर्मा के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलन के दौरान आंदोलनकारियों ने जिस संघर्ष और त्याग का परिचय दिया, उसी के परिणामस्वरूप उत्तराखंड राज्य का सपना साकार हुआ।

आंदोलनकारी मातृशक्ति को किया सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारियों और मातृशक्ति को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में पुष्पलता सिलमाणा, सरिता गौड़, सुलोचना भट्ट, राधा तिवारी, रामेश्वरी नेगी, सुलोचना मन्द्रवाल, रेवती बिष्ट, साबी नेगी, कल्पेश्वरी नेगी, संगीता रावत, लोक बहादुर थापा, सतेश्वर अमोली, शांति प्रसाद, सतेन्द्र रावत, महेन्द्र रावत, सरदार खान, चिंतन सकलानी, शांति बुटोला, हरीश पंत, निशा रावत, जगदेश्वरी और विजेन्द्र बहुगुणा सहित कई आंदोलनकारी शामिल रहे।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने शहीद आंदोलनकारियों के सपनों और राज्य के हितों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प भी दोहराया।