देहरादून। महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. सुनीता टम्टा की अध्यक्षता में सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों तथा प्रमुख/मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलों में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान कार्यप्रणाली में जरूरी सुधार, पारदर्शिता और निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्यों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में महानिदेशक ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की विभागवार और जनपदवार स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और निर्धारित समयसीमा के भीतर शिकायतकर्ता को संतोषजनक समाधान उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करते हुए प्राथमिकता के आधार पर उनका निस्तारण करने तथा शासन स्तर से प्राप्त निर्देशों का गंभीरता से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा।
तीन दिन में उपलब्ध कराया जाए जन्म प्रमाण पत्र
महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा ने अस्पतालों में प्रसव के बाद नवजात शिशुओं के जन्म प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को लेकर भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित माता-पिता या परिजनों को अधिकतम तीन दिन के भीतर नवजात का जन्म प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। इस प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और संबंधित अधिकारी इसकी नियमित निगरानी करें।
चिकित्सा प्रतिपूर्ति के बिलों का ऑनलाइन निस्तारण
बैठक में चिकित्सा प्रतिपूर्ति से संबंधित बिलों के निस्तारण को लेकर भी निर्देश दिए गए। महानिदेशक ने सभी संबंधित अधिकारियों को चिकित्सा प्रतिपूर्ति के बिलों का शत-प्रतिशत ऑनलाइन माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया के तहत समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए लाभार्थियों को समय पर भुगतान का लाभ मिल सकेगा और विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
स्वास्थ्य संस्थानों में एचआईएमएस का अनिवार्य उपयोग
महानिदेशक ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्वास्थ्य सूचना प्रबंधन प्रणाली (एचआईएमएस) के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित अस्पतालों और स्वास्थ्य इकाइयों में एचआईएमएस का प्रभावी एवं अनिवार्य रूप से उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया जा सके।
ग्रामीण क्षेत्रों में ई-विंग ओपीडी का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश
बैठक के अंत में डॉ. सुनीता टम्टा ने सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों तथा प्रमुख/मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों को अपने-अपने जनपदों और अस्पतालों के ग्रामीण क्षेत्रों में ई-विंग ओपीडी संचालित किए जाने के संबंध में विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और सुविधा को बेहतर बनाने के लिए इस दिशा में प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए।
