देवाल। उत्तराखंड के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के लिए नुक्कड़ नाटक और पारंपरिक लोकगीत प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। सूचना एवं लोक संपर्क विभाग उत्तराखंड के तत्वावधान में अक्षत नाट्य संस्था की टीम देवाल विकासखंड के दूरस्थ गांवों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए ग्रामीणों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक कर रही है।

संस्था के प्रबंधक सुनील नाथन के अनुसार, उनकी टीम पिछले दस दिनों से देवाल विकासखंड के विभिन्न गांवों में लगातार जनजागरूकता अभियान चला रही है। इस दौरान कलाकारों ने वाण, बांक, ल्वाणी, देवसारी, धरातल्ला, फलदिया और नंदकेशरी सहित कई क्षेत्रों में नुक्कड़ नाटकों और लोकगीतों के माध्यम से लोगों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाई है।
अभियान की खास बात यह है कि इसमें स्थानीय बोली, पारंपरिक संगीत और नाट्य प्रस्तुतियों का सहारा लिया जा रहा है। इससे ग्रामीण मनोरंजन के साथ-साथ सरकारी योजनाओं और उनके लाभों के बारे में भी जानकारी हासिल कर रहे हैं। कलाकार अपने कार्यक्रमों के माध्यम से स्वास्थ्य, कृषि और शिक्षा से जुड़ी योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक कर रहे हैं, ताकि ग्रामीण इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आगे आ सकें।

दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों में जहां आधुनिक संचार माध्यमों की पहुंच सीमित हो सकती है, वहां इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम जनसंपर्क का महत्वपूर्ण जरिया बन रहे हैं। नुक्कड़ नाटकों के जरिए कलाकार सरकारी योजनाओं की जानकारी को सरल और रोचक तरीके से लोगों तक पहुंचा रहे हैं।
अक्षत नाट्य संस्था का यह अभियान अभी जारी है। आने वाले दिनों में टीम देवाल विकासखंड के अन्य गांवों में भी कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करेगी।


