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कवयित्री संगीता बिष्ट “कौमुदी” की पुस्तक का विमोचन

गोपेश्वर: रविवार को रुद्रपुर के नगर निगम में काव्य का महाकुंभ कवि सम्मेलन का आयोजन हुआI बुलंदी साहित्यिक सेवा समिति द्वारा आयोजित इस कवि सम्मलेन में देश भर के सैकड़ों कलमकार कवियों ने प्रतिभाग कियाI प्रसिद्द कवियों के बीच चमोली उत्तराखंड से आई कवियत्री संगीता बिष्ट “कौमुदी” भी इस सम्मलेन में शामिल हुईI इस दौरान “कौमुदी” ने अपनी उत्कृष्ट रचनाओं से सबका मन मोह लियाI इस मौके पर उनके द्वारा लिखित पुस्तक “कौमुदी काव्याजलि एकल काव्य संग्रह” का भी विमोचन हुआI कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था के संस्थापक बादल बाजपुरी, संरक्षक पंकज शर्मा व विशिष्ठ अतिथि विकास पांडेय ने दीप प्रज्वलन के साथ कियाI

कवियत्री संगीता बिष्ट “कौमुदी” ने देश के प्रति अपने प्रेम को उजागर करने के साथ साथ आज के युवा वर्ग को भी अपनी कविता के माध्यम से सोचने के लिए प्रेरित करते हुए कहा “सोचो की देश को सींचने में कितनी कुर्बानियां लगी सोचो की कितनी माँओ की गोद है आज सूनी ” वहीं उन्होंने प्रेम को लेकर कहा कि “करके तो देखो बेइंतहा मोहब्बत किसी से बिना मतलब और ज़ोर ज़बरदस्ती के वादा है मेरा तुम भी बदल जाओगे मोहब्बत होती है क्या तुम भी जरूर गुनगुनाओगे”

इस अवसर पर “कौमुदी” की पुस्तक ‘कौमुदी काव्याजलि एकल काव्य संग्रह के विमोचन के साथ उन्हें देवनागरी सम्मान से भी सम्मानित किया गया। इसके अलावा पूर्व में संगीता बिष्ट “कौमुदी” को विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के द्वारा, नारी गौरव सम्मान, साहित्य गौरव सम्मान व महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा जा चुका हैI वहीं राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें अनमोल रत्न सम्मान, राष्ट्रीय उपलब्धि सम्मान, सराहना प्रमाण पत्र के साथ बुलंदी साहित्यिक सेवा समिति द्वारा देवनागरी सम्मान से सम्मानित किया जा चुका हैI

प्रदेश स्तर पर उन्हें काव्य शिरोमणी ,साहित्य श्री, हिन्दी गौरव, उत्तराखंड काव्य गौरव, साहित्य गौरव, साहित्य शिरोमणी, साहित्य गौरव सम्मान मिले हैंI

कार्यक्रम में प्रतिभाग कर रहे कवि, यमदूत नीरज कुमार, ललित मोहन जोशी, अंकुर, जानेंद्र शर्मा, जितेंद्र कमल आनंद, सुबोध शर्मा, हरीश भदोरिया के साथ ही अन्य कवि मौजूद रहेI जिन्होंने अपने अपने काव्य पाठ से खूब तालियां बटोरी।

बुलंदी संस्था ने इससे पहले बीते वर्ष भी अक्टूबर माह में प्रदेश का सबसे बड़ा धरातलीय कार्यक्रम उत्तराखंड काव्य महोत्सव रुद्रपुर शहर में आयोजित करवाया था जिसमें देश भर से आए 300 कलमकार ने काव्य पाठ किया थाI

बुलंदी वर्ष 2021 और 2022 में 207 घंटे और 400 घंटे अनवरत वर्चुअल कवि सम्मेलन आयोजित करवाकर दो बार विश्व रिकॉर्ड बना चुकी है, जिसे इंडिया वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज किया गया हैI बुलंदी संस्था उत्तराखंड के बाजपुर से संचालित होती हैं, जिसका उद्देश्य नवोदित कलाकारों को मंच प्रदान करना हैI जिसको लेकर संस्था निस्वार्थ भाव से कार्य कर रही है।