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आंदोलनकारियों का सीएम आवास कूच, चिन्हीकरण की मांग पर बवाल, सौंपा ज्ञापन

देहरादून। उत्तराखंड आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की लंबित मांगों को लेकर रविवार को राजधानी में बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। सैकड़ों आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री आवास कूच किया। कैन्ट रोड पर सुरक्षा बलों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, इस दौरान हल्का धक्का-मुक्की भी हुई। बाद में मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी प्रेम लाल के आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने कूच को अस्थगित कर दिया। एसडीएम ने कहा कि एक-दो दिन के अंदर जिलाधिकारी स्तर पर वार्ता कराई जाएगी।

आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि वर्षों से चिन्हीकरण की प्रक्रिया लंबित है, जिसके चलते कई वास्तविक आंदोलनकारी आज भी मान्यता व सुविधाओं से वंचित हैं। वक्ताओं ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो राज्यव्यापी आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।

जमावड़े में नवनीत गुंसाई, इंदु नौडियाल, प्रमिला रावत, अनंत आकाश, चिंतन सकलानी, राजकुमार जैसवाल, राजेश शर्मा, अमित परमार सहित कई आंदोलनकारी नेताओं ने विचार व्यक्त किए। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा।

प्रदर्शन राजपुर से शुरू होकर राजपुर रोड़ होता हुआ दिलाराम चौक पहुंचा जहाँ भारि पुलिस बल की मौजूदगी में ज्ञापन दिया गया ।

सेवामें,
माननीय मुख्यमंत्री जी
उत्तराखण्ङ सरकार
देहरादून
बिषय :-छूटे हुवे उत्तराखण्ङ आन्दोलनकारियो के चिन्हिकरण व अन्य मांगों को मुख्यमंत्री आवास पर प्रर्दशन ।
मान्यवर ,
उत्तराखण्ङ आन्दोलनकारी संयुक्त परिषद मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित इस प्रदर्शन के माध्यम से आपसे पुनः अनुरोध करते हैं कि पिछले कई बर्षो से चिन्हिकरण की मांग को अनेक धरनों व प्रदर्शन के माध्यम से आपसे निम्नलिखित मांगों पर प्रभावि कार्यवाही कि मांग करती है :-
1 चिन्हीकरण के लंबित प्रकरणों ( जिनमें बुजुर्ग माताओं बहिनों के कई प्रकरण सम्मिलित हैं)का अविलंब निस्तारण किया जाए।

2 शहीद स्मारक देहरादून का सौंदर्यीकरण व विस्तारीकरण पहाड़ी शैली में किया जाए।

3 ऋषिकेश एक प्रमुख पर्यटक स्थल होने के कारण ऋषिकेश के शहीद स्मारक का गरिमा के अनुरूप निर्माण किया जाए।
4 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ सभी आंदोलनकारियों के लिए सुनिश्चित किया जाए और26अगस्त 2013 के आदेश पर रोके गये सफल घोषित अभ्यर्थियों की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से की जाए।

5 आंदोलनकारी सम्मान पेंशन को सम्मानजनक रूप से बढ़ाया जाए और यह राशि पेंशन पटटे के माध्यम से प्रेषित की जाए।
आशा है कि जनहित उपरोक्त बिन्दुओं पर प्रभावी कर उक्त मांगों को पूरा करेंगे ।
सहयोग कि आशा के साथ ।