देहरादून। इंदिरा मार्केट के रि-डेवलपमेंट प्लान में प्रस्तावित संशोधन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (CITU) ने तीसरे बेसमेंट की स्वीकृति का विरोध करते हुए मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, आवास सचिव और संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन भेजा है।
ज्ञापन में कहा गया है कि एमडीडीए द्वारा रि-डेवलपमेंट प्लान में तीसरे बेसमेंट को मंजूरी देकर भवन की ऊंचाई लगभग 14 फीट बढ़ा दी गई है, जो पूर्व स्वीकृत नक्शे और भवन नियमों के खिलाफ है। संगठनों का आरोप है कि इस बदलाव से न केवल निर्माण मानकों का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि बाजार की उपयोगिता पर भी असर पड़ेगा।

उन्होंने यह भी आशंका जताई कि बेसमेंट और अतिरिक्त ऊंचाई के कारण ग्राहकों को आने-जाने में असुविधा होगी, जिससे बाजार में भीड़ कम हो सकती है। इससे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है और यह मार्केट अन्य कम सफल कॉम्प्लेक्स की तरह सुनसान हो सकता है।
संगठनों ने यह भी आरोप लगाया कि इस महत्वपूर्ण संशोधन से पहले न तो व्यापारियों और न ही अन्य हितधारकों से कोई राय ली गई, जो पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है।
सीपीएम और CITU ने मांग की है कि प्रस्तावित संशोधन पर तत्काल रोक लगाई जाए और वर्ष 2015-16 की पूर्व स्वीकृत योजना को बहाल किया जाए। साथ ही, व्यापारियों और संबंधित पक्षों के साथ चर्चा कर सर्वसम्मति से नई योजना तैयार करने की अपील की गई है।
ज्ञापन की प्रतियां संबंधित विभागों और अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई हैं।
