देहरादून। जनपद में लगातार हो रही हत्याओं, महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों और बिगड़ती कानून व्यवस्था के विरोध में मंगलवार को विभिन्न संगठनों के एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में प्रतिनिधिमंडल ने उपजिलाधिकारी सदर हरगिरी को यह ज्ञापन सौंपते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने तिब्बती बाजार में मंगलवार सुबह लगभग 10:30 बजे सरेआम हुई हत्या, ऋषिकेश और मच्छी बाजार की घटनाओं के साथ ही दून इंटरनेशनल स्कूल, डालनवाला में छात्रा के अपहरण के प्रयास का हवाला देते हुए जिले की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में आपराधिक घटनाओं में तेजी आई है, जिससे आम जनता में भय का माहौल है।

ज्ञापन में अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले पुलिस के उच्चाधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई और उन्हें पद से हटाने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में विफल अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
उपजिलाधिकारी सदर हरगिरी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि ज्ञापन को जिलाधिकारी तक पहुंचाया जाएगा और जनहित से जुड़े इन मुद्दों पर आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जाएगा।
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में सीपीआईएम के सचिव अनंत आकाश, उत्तराखंड आंदोलनकारी संयुक्त परिषद के संरक्षक नवनीत गुंसाई, प्रवक्ता चिंतन सकलानी, यूकेडी की वरिष्ठ नेत्री प्रमिला रावत, बीजीवीएस की स्वाति नेगी, नेताजी संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रभात डंडरियाल, जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार, राजेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
