देहरादून। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संयुक्त परिषद ने छूटे हुए राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। परिषद ने पूर्व में निर्धारित मानकों को बहाल करने, चिन्हीकरण की अंतिम तिथि दो माह बढ़ाने और चिन्हीकरण समिति में परिषद के प्रतिनिधियों को शामिल करने समेत कई मांगें उठाईं।
परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को बताया कि राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद कई वरिष्ठ और वास्तविक आंदोलनकारी अभी भी चिन्हीकरण से वंचित रह गए हैं। परिषद का कहना है कि ऐसे आंदोलनकारियों को चिन्हीकरण का लाभ देने के लिए निर्धारित मानकों में आवश्यक शिथिलता की जानी चाहिए।
पेपर कटिंग और वरिष्ठ आंदोलनकारियों के सत्यापन को आधार बनाने की मांग
परिषद ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की शुरुआती प्रक्रिया में समाचार पत्रों की कतरनों यानी पेपर कटिंग और वरिष्ठ आंदोलनकारियों के सत्यापन को महत्वपूर्ण आधार माना जाता था। परिषद ने मांग की कि छूटे हुए आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण के लिए पूर्व में लागू इन्हीं मानकों को दोबारा अपनाया जाए।

परिषद के अनुसार, करीब छह माह पहले प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के सचिव एवं गृह सचिव शैलेश बगोली से सचिवालय एनेक्सी में मुलाकात कर इस संबंध में प्रतिवेदन सौंपा था। परिषद का दावा है कि उस दौरान पेपर कटिंग और वरिष्ठ आंदोलनकारियों के सत्यापन को सैद्धांतिक रूप से चिन्हीकरण का आधार स्वीकार किया गया था, लेकिन इसे अभी तक लागू नहीं किया गया है।
समिति में परिषद के प्रतिनिधियों को शामिल करने की मांग
परिषद ने चिन्हीकरण समिति में उत्तराखंड आंदोलनकारी संयुक्त परिषद के कम से कम दो से तीन प्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से शामिल करने की मांग की। परिषद का कहना है कि इससे चिन्हीकरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहेगी।
दो माह बढ़ाई जाए चिन्हीकरण की अंतिम तिथि
ज्ञापन में चिन्हीकरण की अंतिम तिथि को कम से कम दो माह बढ़ाने की मांग भी की गई। परिषद के मुताबिक, अतिरिक्त समय मिलने से छूटे हुए आंदोलनकारी अपने आवेदन के साथ पेपर कटिंग, सत्यापन और अन्य जरूरी दस्तावेज जमा कर सकेंगे।
सक्षम और अनुभवी स्टाफ की तैनाती की मांग
परिषद ने जिला कलेक्ट्रेट में आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण का काम देख रहे स्टाफ की कमी और अनुभव की कमी का मुद्दा भी उठाया। परिषद ने मांग की कि इस कार्य के लिए सक्षम एवं अनुभवी कर्मचारियों की तैनाती की जाए, ताकि आवेदनों का समयबद्ध और सही तरीके से निस्तारण हो सके।
परिषद ने जिलाधिकारी से सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए छूटे हुए आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की तिथि बढ़ाने, पेपर कटिंग एवं वरिष्ठ आंदोलनकारियों के सत्यापन को आधार बनाने, समिति में परिषद के प्रतिनिधियों को शामिल करने तथा कलेक्ट्रेट में सक्षम स्टाफ की तैनाती की मांग की। परिषद का कहना है कि इससे छूटे हुए आंदोलनकारियों को चिन्हीकरण का अवसर मिल सकेगा और राज्य आंदोलन में उनके योगदान का सम्मान सुनिश्चित होगा।
ज्ञापन देने वालों में परिषद के संरक्षक बालेश बबानिया, अध्यक्ष सुरेश कुमार, अनंत आकाश, प्रभात डंडरियाल, प्रमिला रावत, राजदुलारी लोधी, पुष्पलता बैश्य, सुभागा फर्सवाण और मंजू पंवार (शोभा) सहित अन्य लोग शामिल रहे।
