फूड सुपरवाइजर्स को स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के उच्च मानक सिखाए गए
ऋषिकेश। खाद्य सुरक्षा एवं औद्योगिक प्रशासन, षटहरी गढ़वाल के तत्वावधान में आज भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा संचालित फॉस्टैक (Food Safety Training and Certification) प्रशिक्षण कार्यक्रम ऋषिकेश के वसुंिरा पैलेस होटल में आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण ‘सरस आजीविका मेला’ के अवसर पर हुआ, जिसमें शहर के प्रमुख 28 होटल्स के फूड सुपरवाइजर्स ने भाग लिया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य और प्रमुख बातें
प्रशिक्षण FSSAI द्वारा अधिकृत प्रशिक्षण पार्टनर, एकेडमी ऑफ़ मैनेजमेंट स्टडीज़ (AMS) के प्रशिक्षकों द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, गढ़वाल मंडल के उप-आयुक्त आर.एस. रावत ने कहा कि फॉस्टैक प्रशिक्षण न केवल भोजन गुणवत्ता मानकों को सुधारने में मदद करेगा, बल्कि पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।

रावत ने उत्तराखंड की परंपरागत स्वच्छता प्रथाओं का हवाला देते हुए बताया कि खाना बनाते या परोसते समय पारंपरिक तौर-तरीकों का पालन करना खाद्य सुरक्षा के आधुनिक मानकों के अनुरूप है। उन्होंने प्रशिक्षुओं को प्रेरित किया कि वे पारंपरिक एवं आधुनिक फूड सेफ्टी मानकों को मिलाकर स्वस्थ और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराएँ।
स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार पर प्रभाव
सहायक आयुक्त, श्री प्रमोद रावत ने बताया कि ऋषिकेश एक प्रमुख पर्यटन स्थल है और यहाँ परोसने वाला भोजन पूर्णतया स्वच्छ एवं सुरक्षित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से न केवल भोजन की गुणवत्ता और पर्यटक विश्वास बढ़ता है, बल्कि स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए नए रोजगार के अवसर भी खुलते हैं।

प्रशिक्षण में सिखाई गई मुख्य तकनीकें
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को भोजन की स्वच्छता, कीट नियंत्रण, व्यक्तिगत स्वच्छता, रसोई में सफाई, और स्वच्छ पेयजल के महत्व सहित उन्नत कैटरिंग तकनीकों की जानकारी दी गई। इसे FSSAI के नेशनल ट्रेनर श्री दीपक शर्मा द्वारा विस्तारपूर्वक प्रस्तुत किया गया।
प्रतिभागियों की भागीदारी
ZANA by the Ganges, Ananda in the Himalaya, The Great Ganga, Anand Kashi by the Ganges, Divine Laxmi Ganga, Divine Resort & Spa एवं Atali Ganga जैसे प्रमुख होटलों के फूड सुपरवाइजर्स ने प्रशिक्षण में उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने कार्यस्थलों पर सीखी गई जानकारी लागू करने का संकल्प लिया।

उप-आयुक्त और अन्य अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम स्थानीय पर्यटन और आतिथ्य उद्योग की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बढ़ाने में सहायक होंगे।
