नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान कुछ युवाओं के कथित अनुशासनहीन व्यवहार और सोशल मीडिया पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर राष्ट्रीय चरित्र निर्माण की आवश्यकता एक बार फिर चर्चा में आ गई है। इस विषय पर समाजसेवी एवं शिक्षाविद् डॉ. के.पी. जोशी ने बच्चों में प्रारंभिक स्तर से नैतिक मूल्यों और राष्ट्रभावना को मजबूत करने की मांग उठाई है।
जंतर-मंतर पर आयोजित एक प्रदर्शन के दौरान कुछ युवाओं के कथित अनुशासनहीन व्यवहार और देश के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर चिंता जताई गई है। इस घटनाक्रम के संदर्भ में समाजसेवी एवं शिक्षाविद् डॉ. के.पी. जोशी ने कहा कि ऐसे मामलों से यह स्पष्ट होता है कि युवाओं में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और राष्ट्रीय चरित्र के निर्माण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
डॉ. जोशी का कहना है कि राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव बचपन से दिए जाने वाले संस्कारों और शिक्षा पर आधारित होती है। उनका मानना है कि यदि विद्यार्थियों में प्रारंभिक स्तर से अनुशासन, जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना विकसित की जाए, तो भविष्य में ऐसे व्यवहार की पुनरावृत्ति को काफी हद तक रोका जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि अनुशासन केवल सेना, पुलिस या अर्द्धसैनिक बलों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवाओं के जीवन का अभिन्न हिस्सा बनना चाहिए। इसके लिए परिवार, विद्यालय और समाज सभी की महत्वपूर्ण भूमिका है।
डॉ. के.पी. जोशी ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि राष्ट्रीय चरित्र निर्माण से जुड़े मूल्यों को प्राथमिक विद्यालय स्तर से ही शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनाया जाए, ताकि देश को जिम्मेदार, अनुशासित और चरित्रवान युवाओं की नई पीढ़ी मिल सके।
