देहरादून। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने आज भूमाफियाओं एवं पुलिस की मिलीभगत के खिलाफ जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया तथा भूमाफियाओं द्वारा गोल्डन फॉरेस्ट की भूमि को कूटरचित बैनामों के आधार पर हड़पने, सरकारी (एनएच-72) मुआवजा प्राप्त करने और अन्य काश्तकारों को परेशान करने के संदर्भ में तथा मुख्य सचिव निर्देश पर गठित जांच समिति की आख्या पर भूमाफिया के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय सन् 2022 से पुलिस इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे पार्टी नेताओं पर एक के बाद एक फर्जी रिपोर्ट साबित करती है कि पुलिस व भूमाफिया की मिलीभगत को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। इस प्रदर्शन में जिलाधिकारी की ओर से उपजिलाधिकारी कुमकुम जोशी उपस्थित हुईं, उन्होंने धैर्यपूर्वक बात सुनते हुए 14 अप्रैल के बाद इस संदर्भ में जिलाधिकारी महोदय से वार्ता करवाने का आश्वासन दिया।
ज्ञापन का सार निम्नलिखित है:-
(1) एनएच-72 के लिए दिनांक 26/03/2021 को समाचार पत्रों में खसरे प्रकाशित हुए, जिसके उपरांत भूमाफिया जैद रफी अंसारी ने अपने साथियों के साथ मिलकर विभिन्न खसरों में मुआवजा हड़पने की योजना बना डाली, जिसके अंतर्गत खसरा नंबर 641, 637 में पूर्व गोल्डन फॉरेस्ट में विक्रीत भूमि के बैनामे किए गए। अन्य काश्तकारों द्वारा पार्टी के माध्यम से उक्त मामले को सभी उचित माध्यमों को अवगत कराया गया, जिसमें आरोपी दोषी पाए गए। इस बीच आरोपी ने राजनीतिक संरक्षण के माध्यम से तमाम मामले दबाए तथा आवाज उठाने वालों के खिलाफ एक के बाद एक झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।

ज्ञापन संलग्न है :-
सेवा में,
श्रीमान जिलाधिकारी, महोदय
जिला देहरादून, उत्तराखंड।
विषय: भू-माफिया द्वारा गोल्डन फॉरेस्ट की भूमि को कूटरचित बैनामों के आधार पर हड़पने, सरकारी (एनएच-72) मुआवजा प्राप्त करने और अन्य काश्तकारों को परेशान करने के संबंध में।
महोदय,
निवेदन इस प्रकार से है कि प्रार्थी ग्राम सभा समावाला में वर्तमान में क्षेत्र पंचायत सदस्य है, और पूर्व में दो बार ग्राम प्रधान व एक बार जिला पंचायत सदस्य रह चुका है। मौजा समावाला में राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-72 के लिए भूमि का अधिग्रहण करने हेतु दिनांक 26/03/2021 को समाचार पत्रों में खतरा नंबर प्रकाशित किए गए, जिसके उपरांत भू-माफिया जैन एण्ड कंपनी ने अपने साथियों के साथ मिलकर विभिन्न खतरों को हड़पने के लिए योजना बनाई और खतरा नं. 641, 637 में पूर्व में गोल्डन फॉरेस्ट में विक्रय और दर्ज भूमि के दस्तावेज/बैनामे किए गए।
प्रार्थी को जब अन्य काश्तकारों द्वारा अवगत कराया गया तो प्रार्थी ने अपने स्तर से जांच-पड़ताल की, तो प्रार्थी को ज्ञात हुआ कि जैन एण्ड कंपनी व जनेन्द्र अंसारी द्वारा खतरा संख्या-398, खतरा नं.-641क, रकबा-0.2590, जो कि D.N. 3152 दिनांक-30 अप्रैल 2022 को जाहिद हसन पुत्र श्री शमीमुद्दीन ने किसमुद्दीन के फर्म के माध्यम से क्रय की। उक्त भूमि जाहिद हसन के पिता श्री मिस्तामुद्दीन द्वारा अपने सह खातेदार नवाबुद्दीन के साथ मिलकर D.N. 4139, दिनांक-6/06/2006 को सचिन दमीर से क्रय की गई। सचिन दमीर द्वारा उक्त भूमि D.N. 4049, दिनांक 2/06/2006 को शौरीराम से क्रय की गई।

शौरीराम द्वारा D.N. 2724, दिनांक 23/08/1996 को मूल खातेदार रैपाल सिंह, शूरवीर सिंह, जबल सिंह पुत्रगण अमर चंद निवासी समावाला (अपने मुख्तार-ए-आम जितेन्द्र जोशी पुत्र श्री सुरेशानन्द जोशी) के द्वारा क्रय की गई दिखाया गया है।
जबकि जांच-पड़ताल करने पर D.N. 2724, दिनांक 23/08/1996 जो कि मूल खातेदार रैपाल सिंह, शूरवीर सिंह, जबल सिंह पुत्रगण श्री अमर चंद निवासी समावाला (अपने मुख्तार-ए-आम जितेन्द्र जोशी पुत्र श्री सुरेशानन्द जोशी) के द्वारा डिस्टि स्टेट (DISTI ESTATE) प्रा. लि. द्वारा इसके सीएमडी आर के स्याल निवासी चंडीगढ़ के नाम दर्ज है, जो कि गोल्डन फॉरेस्ट की भूमि है।
उक्त बैनामों में डिस्टि स्टेट (DISTI ESTATE) प्रा. लि. द्वारा इसके सीएमडी आर के स्याल निवासीट चंडीगढ़ के नाम को खारिज कर शौरीराम पुत्र श्री गोविंद राम निवासी 10 माजरा, सेवला खुर्द, देहरादून कर दिया गया और कूटरचित बैनामों का सिलसिला शुरू किया गया।
इसी प्रकार अन्य खाता संख्या–478, के खतरा नं. 637क, रकबा–0.2390, जो कि जैन एण्ड कंपनी अंसारी द्वारा मोहम्मद यामीन पुत्र श्री छिदर से D.N. 3100, दिनांक 20/04/2021 को कराया गया।
मोहम्मद यामीन द्वारा उक्त भूमि सुंदर सिंह पुत्र श्री चतर सिंह से D.N. 7793, दिनांक 21/09/2006 को क्रय किया गया दिखाया गया है।

जबकि जांच-पड़ताल करने पर पता चला कि सुंदर सिंह पुत्र चतर सिंह द्वारा अपने मुख्तार-ए-आम जितेन्द्र जोशी पुत्र श्री सुरेशानन्द जोशी के द्वारा डिस्टि प्रॉपर्टी प्रा. लि. के सीएमडी आर के स्याल निवासी चंडीगढ़ को दिनांक–23/08/1996 को D.N. 2722 के माध्यम से विक्रय कर दी गई थी, जो कि गोल्डन फॉरेस्ट की भूमि है।
उक्त खाते में भी एक बैनामा सचिन दमीर द्वारा मिसामुद्दीन को D.N. 9122, दिनांक 30/10/2006 को किया गया।
सचिन दमीर ने D.N. 7496 दिनांक 23/09/2006 को शौरीराम पुत्र श्री गोविंदराम से क्रय दिखाया गया। शौरीराम पुत्र श्री गोविंदराम निवासी सेवला कला, जिला देहरादून ने D.N. 2722 दिनांक 23/08/1996 को सुंदर सिंह पुत्र श्री चतर सिंह निवासी समावाला द्वारा अपने मुख्तार-ए-आम जितेन्द्र जोशी पुत्र श्री सुरेशानन्द जोशी से क्रय दिखाया गया, जबकि D.N. 2722 दिनांक 23/08/1996 से उक्त भूमि डिस्टि प्रॉपर्टी प्रा. लि. द्वारा इसके सीएमडी आर के स्याल निवासी चंडीगढ़ के नाम पर दर्ज है, और उक्त भूमि गोल्डन फॉरेस्ट की है।
भू–माफिया जैन एण्ड कंपनी अंसारी आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है, जिस पर पूर्व में भी गिरोह बनाकर PACL की भूमि विक्रय करने व गरीब व्यक्तियों की भूमि हड़पने संबंधी व धोखाधड़ी सहित कई अन्य मुकदमे दर्ज हैं।
अतः आप महोदय से निवेदन है कि गोल्डन फॉरेस्ट के बैनामों के बाद के (कूटरचित बैनामों सहित) सभी बैनामों को निरस्त करते हुए, भू–माफिया जैन एण्ड कंपनी अंसारी द्वारा अपने साथियों के साथ गिरोह बनाकर गोल्डन फॉरेस्ट की भूमि को अवैध व कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर हड़पने, एनएच–72 का मुआवजा हड़पने का प्रयास करने, अन्य काश्तकारों को धमकाने, परेशान करने और समाजसेवियों–जनप्रतिनिधियों को झूठे मुकदमों में फंसाकर प्रताड़ित करने के कृत्य की जांच कर, जैन एण्ड कंपनी अंसारी पुत्र श्री मो. रफी अंसारी निवासी हसनपुर, जिला देहरादून, जनेन्द्र पुत्र श्री मोहम्मद निवासी खेड़ा गली, विकासनगर जिला देहरादून व उनके अन्य साथियों सहित जो भी कूटरचित बैनामों में किसी भी प्रकार से शामिल हैं, पर कानूनी कार्रवाई करने की कृपा करें।
प्रदर्शन को सीपीआई (एम) केंद्रीय समिति सदस्य कामरेड राजेंद्र पुरोहित, राज्य सचिव राजेन्द्र पुरोहित, जिला सचिव शिवप्रसाद देवली, देहरादून सचिव अनन्त आकाश, पार्टी नेता सुरेन्द्र सिंह सजवाण, नितिन मलेठा, सुधा देवली, मनमोहन सिंह आदि ने संबोधित किया तथा संचालन पार्टी सचिव मंडल के कमरुद्दीन ने किया तथा समापन सचिव मण्डल व सीआईटीयू जिलामहामन्ती कामरेड लेखराज ने किया। इस अवसर पर भगवंत पयाल, इस्लाम, शैलेन्द्र परमार, अय्याज, रविंद्र नौडियाल, विनोद कुमार, बिजय भट्ट, कृष्ण गुनियाल, कुंदन, सतीश धौलाखंडी, मुस्तकीम, अमर बहादुर शाही, अभिषेक भंडारी, सोनू कुमार, बलबीर, अलीशेर, सेबती, गुमान सिंह कामिल, कुसुम, बीरवती, एन एस पंवार, शंभू प्रसाद ममगाई, अनुराधा, दीपक कुमार, यू एन बलूनी, विप्लव अनन्त आदि बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी शामिल थे।
