देहरादून। सीपीआई (एम) देहरादून महानगर की बैठक गांधी पार्क स्थित पार्टी कार्यालय में दयाकृष्ण पाठक की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ व्यापक जनजागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। यह अभियान 8 मार्च से 15 मार्च 2026 तक विभिन्न क्षेत्रों में संचालित किया जाएगा।
बैठक में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र की नीतियां जनविरोधी, कॉरपोरेट समर्थक और साम्प्रदायिक हैं, जबकि राज्य सरकार भी विभिन्न मोर्चों पर विफल रही है। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान कानून व्यवस्था की स्थिति, बढ़ती बेरोजगारी, पलायन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गिरती गुणवत्ता, सार्वजनिक परिवहन की खराब हालत और योजनाओं में भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।

इसके साथ ही बस्तियों के मालिकाना हक, एलिवेटेड रोड परियोजना से संभावित विस्थापन, पर्यावरणीय नुकसान और स्थानीय रोजगार पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर भी जनता के बीच जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। पार्टी ने इन मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही तय करने की बात कही।
बैठक में श्रम कानूनों में बदलाव, किसान विरोधी नीतियों, सार्वजनिक संसाधनों के निजीकरण, मनरेगा बजट में कटौती, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर भी केंद्र सरकार को घेरा गया। पार्टी नेताओं ने मांग की कि श्रम संहिताओं को वापस लिया जाए, बिजली क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगे और किसानों के हितों के खिलाफ नीतियों को निरस्त किया जाए।
पार्टी ने यह भी घोषणा की कि 23 मार्च 2026 को शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस पर राज्यभर से कार्यकर्ता दिल्ली के रामलीला मैदान कूच करेंगे, जहां देशभर के लोग एकजुट होकर सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
इस दौरान एलिवेटेड रोड परियोजना को निरस्त करने की मांग को लेकर मुख्य सचिव को ज्ञापन भी सौंपा गया। बैठक में पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे और उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रखे।
