गोपेश्वर। विश्व बायोस्फीयर रिज़र्व डेके अवसर पर केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग द्वारा पीस पब्लिक स्कूल में क्विज प्रतियोगिता और पर्यावरण गोष्ठी का आयोजन किया गया।
गोष्ठी को बतौर मुख्य अथिति संबोधित करते हुए सी पी भट्ट पर्यावरण एवं विकास केंद्र के प्रबंध न्यासी तथा राज्य वन्य जीव बोर्ड के पूर्व सदस्य ओम प्रकाश भट्ट ने कहा कि यदि देखा जाय तो हमारा जिला चमोली जैव विविधता की दृष्टि से समृद्ध है। यह हमारी नैतिक जिम्मेदारी है कि, हम इस समृद्धि को यथावत बनायें रखे। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि देश में घोषित किये गये बायोस्फीयर रिज़र्व क्षेत्रों मै से एक नंदा देवी बायोस्फीयर रिज़र्व हमारे जनपद में स्थित है, जो उच्च हिमालयी क्षेत्र मे स्थित होने के कारण पर्यावरण और जैव विविधता की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही देश के 110 नेशनल पार्को में से 06 नेशनल पार्क तथा 7 अभयारण्य और 2 टाइगर रिज़र्व भी हमारे राज्य में स्थित है। वन क्षेत्राधिकारी प्रदीप गौड़ ने छात्रों को बायोस्फीयर रिज़र्व , रिज़र्व क्षेत्रों और अभयारण्य के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए इसके सभी पहलुओ पर प्रकाश डाला।

विनय सेमवाल नें छात्रों को चिपको आंदोलन की जानकारी देते हुए बताया कि 24अप्रैल 1973 को पेड़ों को कटने से बचाने के लिए उनसे लिपटकर प्रकृति के संरक्षण का विश्वव्यापी संदेश “चिपको “भी चमोली की धरती मण्डल से निकला था। जो केदारघाटी के रामपुर-फाटा से होता हुआ नीति घाटी के रैणी में 26 मार्च 1974 को अपने चरम पर पहुंचा था।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य विमल राणा ने प्रकृति के संतुलन हेतु परस्थितिकी तंत्र में सभी जीवधारियों के महत्व को रेखाकित करते हुए इस विषय पर विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग द्वारा आयोजित क्विज प्रतियोगिता में अब्बल आने वाले छात्रों को पुरस्कृत भी किया गया। प्रतियोगिता में कु मानसी ने प्रथम, आरव राणा नें द्वितीय तथा पहल राणा नें तृतीय स्थान प्राप्त किया।
विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में वन दरोगा पृथ्वी सिंह नेगी, अनूप कुमार, वन आरक्षी चंद्रमोहन सिंह, शुभम, सहित विद्यालय के शिक्षकों सहित छात्र- छात्राएं मौजूद थे।
