देहरादून प्रेस क्लब में आयोजित मायरा केयर फाउन्डेशन द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता में संस्था के सँस्थापक डा0 निशाँत नवानी ने कहा शीघ्र भारत में भी अमेरिका की तर्ज पर आँटिज्म तथा बौद्विक ,विकासात्मक दिव्यांगता से जुडे़ ब्यक्तियों,बच्चों के रचनात्मक सुधार एवँ माँशिक सुधार लाने के लिए कार्य करेगी।यह सीखने का एक माडल होगा जिसकी शुरूवात जनवरी माह में की जाएगी ऐसा प्रस्तावित है।संस्थान नवानी जी की दूरदर्शिता से आटिज्म के शिकार बच्चों एवँ ब्यक्तियों के लिए विज्ञान, संवेदनशीलता, संरचना ,और गरिमा को एक साथ लाने वाला एक समर्पित गैर सरकारी केन्द्र बनाने हेतु प्रयासरत है।

संस्थान की सह सँस्थापक,डा0जया नवानी वरिष्ट मनोचिकित्सक,हैं जो मानसिक स्वास्थ्य और न्यूरो डेवलपमैन्टल समावेशन में कार्य कर रही हैं।मायरा केयर फाउंन्डेशन shine Avi learningUsa द्वारा संचालित है।जो अन्तराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रमाण आधारित लर्निंग फ्रेम वर्क है।यह साझेदारी भारत में आँटिज्म हस्तक्षेप और शिक्षा के मानकों को एक न ई ऊँचाई देगी।यह बच्चों तक ही सीमित न रहकर सँपूर्ण परिवार को मार्गदर्शन एवँ मजबूती देगी।संस्था का लक्ष्य 8 माह से 30 वर्ष तक के आटिज्म स्पेक्ट्रम पर आने वाले बच्चों किशोरों को सहायता देना है।इसके अतिरिक्त 3 से 15 वर्ष और 15 से 30 वर्ष तक अलग अलग चरणों में चयन कर शिक्षा दी जाएगी।मायरा केयर फाउंडेशन एक मिशन आधारित सँस्था है जो भारत में आटिज्म देखभाल,शिक्षा,और समावेशन के क्षेत्र में कार्य करेगी।पत्रकार वार्ता में डा0 निशाँत नवानी,डा0 जया नवानी,एवँआपरेशन हैड अनीता शर्मा थपलियाल मौजूद रहे।
