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उत्तराखंडी भाषा का हो ब्यापक प्रसार

देहरादून: उत्तराखंड में स्थानीय बोल चाल की भाषा में, गढ़वाली, कुमांऊनी, जौनसारी भाषा को एक भाषा मानकर हम लोगों को अपनी भाषा के प्रचार प्रसार में जुटना चाहिए, प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में उत्तराखंडी भाषा न्यास, और उत्तराखंडी भाषा प्रसार समिति ने सरकार को उत्तराखंड की भाषा न्यास करके समूचे उत्तराखंड की भाषा का गठन करना होगा।

इस अवसर पर डा.बिहारी लाल जलन्धरी ने कहा आज हमारा नौजवान लगातार रोजगार हेतु पलायन कर रहा है। सरकार को हमारे क्षेत्रों की बोली भाषा को पाठ्यक्रम में सम्मलित किया जाना चाहिए। हमारे लेखकों,साहित्यकारों ,कवियों, की स्थानीय बोली भाषाओं में रचनांए हैं। जिनको संग्रहित कर स्कूली शिक्षा में विषय गठित कर इसको छात्र छात्राओं को पढाया जाना चाहिए।सरकार से यथा शीघ्र भाषा पर ठोस नीति बनाने की माँग की।इस अवसर पर नीलाँबर पाँडेय ,सुल्तान सिंह तोमर,भारत सिंह नेगी,उत्तम सिंह बागडी़ , डा. बिहारी लाल जलन्धरी मौजूद रहे।