देहरादून। 25 दिसम्बर 1891 अंग्रेजी हुकुमत के अन्तर्गत गढ़वाल जिले में जन्में चन्द्र सिंह जो आगे अंग्रेजी फौज में भर्ती हुऐ आगे चलकर वे पेशावर विद्रोह के महानायक बने । जब देश में सविनय अवज्ञा आन्दोलन प्रथम चरण में था तभी 23 अप्रैल 1930 को पेशावर के किस्साखानी बाजार में सैनिक विद्रोह की ऐतिहासिक घटना हुई ।भारतीय गढ़वाली सैनिकों ने अपने देश के बिरूद्ध बन्दूकों का इस्तेमाल करने से इन्कार कर अंग्रेजी साम्राज्य की नीव को हिला दिया था ।इसके महानायक वीर चंद्र सिंह गढ़वाली सन् 1891 में गढ़वाल के एक साधारण किसान परिवार में पैदा हुऐ ।

पेशावर विद्रोह के बाद बिट्रिश सरकार ने उन्हें 26 सितंबर 1941 तक जेल में रखा ।पेशावर विद्रोह से पहले प्रेरित होकर नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने आजाद हिन्द फौज संगठित की थी ।जेल.से रिहाई के बाद इस महानायक देश के मुक्ति आन्दोलन में भाग लिया ।सन् 1946 से गढ़वाल कुमांऊ के विकास के मुद्दों पर संघर्ष किया ।
1 अक्टूबर 1979 को दिल्ली में उन्होंने अन्तिम सांस ली वे जीवन पर्यन्त मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी से जुडे़ रहे ,उनकी आज जयन्ती है ,उनकी जयन्ती के अवसर पर महानायक को शत् शत् नमन।
