गोपेश्वर। नंदा-सुनंदा महिला संगठन ने हाल ही में नंदानगर क्षेत्र के आपदा प्रभावित गाँव धुर्मा, मोख तथा सेरा के पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री के तहत कंबल, गद्दे, गर्म कपड़े और राशन सहित अन्य सामग्री का वितरण किया। इसके अतिरिक्त संगठन की ओर से ₹1,14,043 की धनराशि का चेक भी कुछ दिन पूर्व ही जिलाधिकारी के माध्यम से आपदा राहत कोष में भी जमा किया गया था।

गोपेश्वर स्थित सर्वोदय केंद्र से राहत सामग्री रवाना करने से पूर्व आयोजित गोष्ठी में संगठन की संरक्षक और समाजसेविका सुशीला सेमवाल ने सहयोग प्रदान करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि, “हिमालय की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए आपदा संभावित क्षेत्रों की वैज्ञानिक पहचान और मानचित्रण करने के साथ ही ठोस आपदा प्रबंधन रणनीति बनाना आवश्यक है। जिससे आपदा से पूर्व ही लोगों को सचेत कर जन-धन की हानि को काफी हद तक रोका जा सकता है।”

गोष्ठी में संगठन की अध्यक्ष एवं राज्य आंदोलनकारी चंद्रकला बिष्ट ने इस मुहिम में सहयोग देने वाले जिले के सभी अप्रवासी भाई-बहनों और स्थानीय नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि “इस दुःख की घड़ी में जिले का हर व्यक्ति आपदा प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा है। उन्होंने सभी लोगों से अपील की कि, हमें व्यक्तिगत स्तर पर भी आगे आकर प्रभावित परिवारों की हर संभव मदद करनी चाहिए।”

कार्यक्रम में समाजसेवी शांति प्रसाद भट्ट ने महिला संगठन के पांच सदस्यीय राहत दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।राहत दल में गीता बिष्ट,लक्ष्मी पँवार, विजया विष्ट और जिला कार्यालय के हिम्मत सिंह पँवार अंजय कुमार शामिल थे।
राहत दल को रवाना करने के अवसर पर उषा फर्सवाण, चंद्रकला खंडूरी, सी.पी. भट्ट, पर्यावरण विकास केंद्र के विनय सेमवाल, विजय गड़िया सहित संगठन की अनेक सक्रिय सदस्याएँ उपस्थित रहीं।
