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बिगड़ती कानून व्यवस्था और सांप्रदायिक घटनाओं को लेकर माकपा ने मुख्य सचिव को सौंपा ज्ञापन

देहरादून। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने उत्तराखंड में बिगड़ती कानून व्यवस्था और लगातार सामने आ रही सांप्रदायिक घटनाओं पर गहरी चिंता जताते हुए मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपा। पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने यह ज्ञापन मुख्य सचिव के निजी स्टाफ अधिकारी के माध्यम से दिया।

माकपा नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में अपराध और सांप्रदायिक उन्माद की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन उन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रतिनिधिमंडल में राजेन्द्र पुरोहित, अनन्त आकाश, शिवप्रसाद देवली, लेखराज सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि 26 जनवरी 2026 को कोटद्वार में कुछ सांप्रदायिक तत्वों द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय के एक बुजुर्ग दुकानदार को दुकान का नाम बदलने के लिए धमकाया गया। आरोप है कि स्थानीय जिम ट्रेनर दीपक कुमार और उनके साथी विजय रावत ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला। इसके बाद 31 जनवरी 2026 को बाहरी स्थानों से आए कुछ लोगों ने कोटद्वार में सड़क जाम, गाली-गलौच, पुलिस से धक्का-मुक्की और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया।

माकपा का आरोप है कि पुलिस एफआईआर में घटनाओं का उल्लेख होने के बावजूद कथित सांप्रदायिक तत्वों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पार्टी ने यह भी कहा कि घटना के दिन मुख्यमंत्री स्वयं कोटद्वार में मौजूद थे, इसके बावजूद उपद्रवी तत्वों को खुली छूट दी गई।

ज्ञापन में तथाकथित ‘हिंदू रक्षा दल’ से जुड़े लोगों पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पार्टी का कहना है कि इस समूह द्वारा सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर 12 फरवरी को कोटद्वार जाकर दीपक कुमार के साथ हिंसा की खुलेआम धमकी दी गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। माकपा ने यह भी आरोप लगाया कि मसूरी में बाबा बुल्लेशाह की सौ साल पुरानी मज़ार तोड़ने की घटना में भी यही तत्व शामिल थे।

माकपा ने नफरत भरे भाषणों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 2022 के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि पुलिस को ऐसे मामलों में स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए, शिकायत का इंतजार नहीं किया जाना चाहिए।

पार्टी ने मांग की कि दीपक कुमार को हिंसा की धमकी देने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा दीपक कुमार और विजय रावत के खिलाफ दर्ज कथित फर्जी मुकदमों को रद्द किया जाए।

ज्ञापन में देहरादून सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों में बढ़ते अपराधों पर भी चिंता जताई गई। माकपा के अनुसार बीते दो सप्ताह में अकेले देहरादून में पांच हत्याएं हो चुकी हैं, जिससे आम जनता में असुरक्षा का माहौल है।

इसके अलावा जय भारत टीवी के पत्रकार हेम भट्ट पर हुए हमले के मामले में जांच को लेकर भी सवाल उठाए गए। पार्टी ने इस प्रकरण में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

माकपा ने राज्य सरकार से कानून व्यवस्था को लेकर तत्काल प्रभावी कदम उठाने और पुलिस प्रशासन की जवाबदेही तय करने की मांग की है।