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बिन्दाल–रिस्पना परियोजना: दस्तावेज जमा करने की समय सीमा बढ़ाने की मांग तेज, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

देहरादून। बिन्दाल–रिस्पना एलिवेटेड रोड परियोजना में छूटे हुए प्रभावित परिवारों को सर्वे सूची में शामिल करने और दस्तावेज जमा करने की समयावधि बढ़ाने की मांग को लेकर बस्ती बचाओ आंदोलन ने आज एलिवेटेड रोड परियोजना प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

समाचार पत्रों में प्रकाशित परियोजना संबंधी विज्ञप्ति के बाद आंदोलन से जुड़े नागरिकों ने कहा कि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि वास्तविक प्रभावित कौन-कौन हैं। आंदोलनकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कई परिवार सर्वे सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं और प्रशासन की ओर से इस पर कोई संतोषजनक कार्यवाही नहीं हुई है।

आंदोलन की मुख्य मांगें

ज्ञापन में निम्न प्रमुख बिंदुओं पर त्वरित कार्यवाही की मांग की गई—

सभी प्रभावितों का नया सर्वे कर सूचीबद्ध किया जाए।

भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में सभी को बाजार दर पर मुआवजा और पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए।

जिन लोगों का रोजगार परियोजना से प्रभावित हो रहा है, उनकी आजीविका की गारंटी दी जाए।

आंदोलन ने कहा कि बीते एक वर्ष से पुनर्वास व मुआवजा मुद्दों को बार-बार उठाया गया है, लेकिन संतोषजनक कार्यवाही अब तक नहीं हुई।

19 जुलाई, 11 अगस्त और 15–16 सितंबर 2025 की अतिवृष्टि में रिस्पना–बिन्दाल क्षेत्र में क्षतिग्रस्त हुए कई मकान सर्वे सूची में शामिल नहीं किए गए हैं।

वर्तमान सूची में लगभग 1400 प्रभावित बताए गए हैं, जबकि जमीनी स्थिति में संख्या इससे काफी अधिक है।

दस्तावेज जमा करने के लिए निर्धारित 15 दिन का समय बढ़ाकर कम से कम एक माह किया जाए।

प्रभावित नागरिकों द्वारा पूर्व में दिए गए कई आवेदनों का निस्तारण जल्द किया जाए।

उपजिलाधिकारी ने आंदोलनकारियों को ज्ञापन पर न्यायोचित कार्यवाही का आश्वासन दिया।

इस मौके पर बस्ती बचाओ आंदोलन के संयोजक अनंत आकाश, CITU जिला महामंत्री लेखराज, उपाध्यक्ष भगवंत पयाल, सचिव अभिषेक भंडारी, विप्लव अनंत, सोनू कुमार, नितिन, टिका प्रसाद, शांतिप्रसाद सहित कई लोग मौजूद रहे।