नशे के दुष्परिणामों से बचाव का दिया संदेश, विभिन्न विद्यालयों के मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर किया सम्मानित
देहरादून। युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने और समाज में नशामुक्त जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजकीय इंटर कॉलेज पटेल नगर में नशा मुक्त भारत अभियान-2026 के तहत जन-जागरूकता कार्यक्रम एवं समापन समारोह आयोजित किया गया। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद, देहरादून ने समाज कल्याण विभाग के सहयोग से किया।
कार्यक्रम में माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनोद प्रसाद सेमल्टी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल और उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. एस. फारूख विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इसके अलावा परिषद के उपाध्यक्ष मोहन सिंह खत्री, महासचिव आशा रानी पैन्यूली, कार्यक्रम प्रभारी सुनील जोशी, शिक्षक संघ के पूर्व अध्यक्ष राम सिंह चौहान सहित विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षक, जनप्रतिनिधि और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

नशे से स्वास्थ्य ही नहीं, परिवार और भविष्य भी प्रभावित
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिथियों ने विद्यार्थियों को नशे की लत से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के बारे में जानकारी दी। वक्ताओं ने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने के साथ उसकी शिक्षा, पारिवारिक जीवन, सामाजिक प्रतिष्ठा और आर्थिक स्थिति पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
उन्होंने कहा कि नशे की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करने होंगे। युवाओं को नशे से दूर रहने के साथ अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना चाहिए।
परिषद की महासचिव आशा रानी पैन्यूली ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार, मोहल्ले तथा आसपास के क्षेत्रों में नशामुक्ति का संदेश फैलाएं। उन्होंने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही नशामुक्त समाज और विकसित भारत के संकल्प को साकार किया जा सकता है।
छह विद्यालयों के विद्यार्थियों को मिला सम्मान
अभियान के अंतर्गत जनपद के विभिन्न विद्यालयों में आयोजित निबंध प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार के साथ प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए।

निबंध प्रतियोगिता में विद्यालयवार विजेताओं की सूची इस प्रकार रही:
1. राजकीय इंटर कॉलेज, चकराता
प्रथम: आरुषी चौहान
द्वितीय: रावी
तृतीय: हिना
2. पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज, कालसी
प्रथम: आसिका
द्वितीय: तान्या
तृतीय: सुहाना चौहान
3. पब्लिक इंटर कॉलेज, डोईवाला
प्रथम: आयशा सलीम
द्वितीय: प्रदान थापा
तृतीय: शफा
4. राजकीय इंटर कॉलेज, सेलाकुई
प्रथम: शफा खान
द्वितीय: अंजली कंडारे
तृतीय: अमन सिंह
5. पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज, हरबर्टपुर
प्रथम: वंदना चौहान
द्वितीय: पारस
तृतीय: नाजिया परवीन
6. राजकीय इंटर कॉलेज, पटेल नगर
प्रथम: सावित्री
द्वितीय: अंशिका
तृतीय: दिशा
शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को भी किया सम्मानित
समारोह के दौरान अभियान के संचालन और जागरूकता गतिविधियों में योगदान देने वाले विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों को भी प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इनमें राजकीय इंटर कॉलेज चकराता, कालसी, हरबर्टपुर, पिलिक इंटर कॉलेज डोईवाला, राजकीय इंटर कॉलेज सेलाकुई और राजकीय इंटर कॉलेज पटेल नगर के शिक्षक शामिल रहे।
कार्यक्रम प्रभारी एवं परिषद के आजीवन सदस्य सुनील जोशी ने अभियान के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए कहा कि विद्यार्थियों के माध्यम से समाज में नशामुक्त जीवन के प्रति सकारात्मक सोच विकसित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि अभियान की वास्तविक सफलता तभी सुनिश्चित होगी, जब यहां से जागरूक होकर जाने वाले विद्यार्थी अपने-अपने क्षेत्रों में नशे के खिलाफ लोगों को जागरूक करेंगे।
समारोह के अंत में राजकीय इंटर कॉलेज पटेल नगर के प्रधानाचार्य रमेश पैन्यूली ने उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद के पदाधिकारियों और आयोजकों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से विद्यार्थियों, अभिभावकों और आमजन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। विद्यालय की ओर से भविष्य में भी नशामुक्ति और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी गतिविधियां जारी रखने का भरोसा दिलाया गया।
कार्यक्रम का समापन नशामुक्त समाज के निर्माण, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और देहरादून में नशे के खिलाफ व्यापक जनभागीदारी बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ।


