राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
देहरादून। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बुधवार को देहरादून के गांधी पार्क में विभिन्न वामपंथी, जनतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष और सामाजिक संगठनों ने संयुक्त रूप से धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शामिल संगठनों के प्रतिनिधियों ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और स्वतंत्रता पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के तत्काल इस्तीफे की मांग की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी भी की।
बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे विभिन्न वामपंथी दलों, छात्र-युवा संगठनों, महिला संगठनों और नागरिक अधिकार समूहों के कार्यकर्ता गांधी पार्क के मुख्य द्वार पर एकत्र हुए। यहां उन्होंने संयुक्त धरना देकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के प्रति अपना विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर बने रहने का विरोध करते हुए उनके इस्तीफे की मांग उठाई।

राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
धरना-प्रदर्शन के बाद दोपहर करीब एक बजे प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। सिटी मजिस्ट्रेट ने गांधी पार्क में प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन प्राप्त किया। ज्ञापन के माध्यम से मुख्य चुनाव आयुक्त को तत्काल पद से हटाने और चुनाव आयोग की स्वतंत्रता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की गई।
चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर उठाए सवाल
धरने को संबोधित करते हुए अनंत आकाश ने आरोप लगाया कि वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यकाल में चुनाव आयोग की संस्थागत स्वायत्तता, निष्पक्षता और संवैधानिक जिम्मेदारियों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के महत्वपूर्ण स्तंभ चुनाव आयोग पर जनता का विश्वास कमजोर हुआ है। ऐसी परिस्थितियों में मुख्य चुनाव आयुक्त का पद पर बने रहना लोकतांत्रिक मर्यादाओं और जनहित के विपरीत है।
कई राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि हुए शामिल
संयुक्त धरना-प्रदर्शन में सीपीआई, सीपीएम, सीपीआई (माले), शिवसेना, समाजवादी पार्टी, उत्तराखंड क्रांति दल, राष्ट्रीय उत्तराखंड पार्टी, इंसानियत मंच, उत्तराखंड आंदोलनकारी संयुक्त परिषद, ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन, एसएफआई, डीवाईएफआई, जनवादी महिला समिति, सीटू और किसान सभा समेत विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

धरने में सीपीएम केंद्रीय कमेटी के सदस्य लेखराज, सीपीआई के राज्य सचिव जगदीश कुडियाल, सीपीआई (एम) के राज्य सचिव राजेंद्र पुरोहित, सीपीआई (माले) के राज्य सचिव इंदेश मैखुरी, राष्ट्रीय उत्तराखंड पार्टी के केंद्रीय महामंत्री बालेश बबानिया, शिवसेना के राज्य प्रमुख गौरव कुमार, सीटू के राज्य सचिव लेखराज और सपा नेता एसपी यादव सहित कई नेताओं ने अपने विचार रखे।
इसके अलावा हेमा वोहरा, यूकेडी नेता प्रमिला रावत, लताफत हुसैन, इंसानियत मंच के डॉ. राधवेंद्र, किसान सभा के राज्य महामंत्री भूपाल सिंह, उपाध्यक्ष सुरेंद्र सजवाण, डीएवी महाविद्यालय के उपाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह, एसएफआई के राष्ट्रीय संयुक्त मंत्री अनिल ठाकुर और राज्य अध्यक्ष नितिन मलेठा भी धरने में शामिल हुए।
सभा का संचालन जिला सचिव शिवप्रसाद देवली ने किया, जबकि समापन वरिष्ठ नेता एसएस नेगी ने किया। इस दौरान अनंत आकाश, शंभूप्रसाद ममगाईं, मनमोहन सिंह, हिमांशु चौहान, रविंद्र नौडियाल, अभिषेक भंडारी, शैलेंद्र परमार, नुरैशा अंसारी, अर्जुन रावत, विप्लव अनंत, अयाज खान, कनिका, कुसुम नौडियाल, अंजलि पुरोहित, सुरेशी नेगी, सुरेश कुमार, विकास रावत, शबनम, प्रियंका विजय भट्ट, इंदेश नौटियाल, उदय ममगाईं, एसएस रजवार, देवेंद्र और नितिन समेत विभिन्न संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
