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ग्रामीण सड़कों की दुर्दशा के  लिए आखिर जिम्मेदार कौन : विभाग या ठेकेदार

ग्रामीण सड़कों की दुर्दशा के लिए आखिर जिम्मेदार कौन : विभाग या ठेकेदार

सड़क निर्माण में देरी पर सूरज नेगी का हमला, बोले- जिम्मेदारों पर हो कार्रवाई

रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता सूरज नेगी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और धीमी प्रगति को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों को सड़क सुविधा से जोड़ने के दावे कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर कई सड़कें बदहाल स्थिति में हैं। उन्होंने रुद्रप्रयाग जिले के ऊखीमठ विकासखंड की घूतू-नागराज-सल्या-तुलंगा मोटर मार्ग को इसका उदाहरण बताया।

सूरज नेगी के मुताबिक करीब 7 किलोमीटर लंबे इस मोटर मार्ग के अपग्रेडेशन के लिए शासन ने वर्ष 2024 में 7 करोड़ 5 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की थी। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना सिंचाई खंड रुद्रप्रयाग के माध्यम से आरबी ग्रुप डेवलप एंड बिल्डर्स कंपनी को निर्माण कार्य सौंपा गया था। निर्धारित योजना के अनुसार जनवरी 2025 तक कार्य पूरा कर सड़क को ग्रामीणों की आवाजाही के लिए सुचारु किया जाना था।

उन्होंने आरोप लगाया कि निर्धारित समय बीतने के करीब डेढ़ साल बाद भी सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। सितंबर 2026 तक सड़क की स्थिति खराब बनी हुई है और ग्रामीणों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नेगी का दावा है कि सड़क का करीब 50 प्रतिशत कार्य भी अभी तक पूरा नहीं हुआ है।

सूरज नेगी ने बताया कि निर्माण कार्य की धीमी गति और कथित खराब गुणवत्ता को लेकर क्षेत्रीय ग्रामीणों ने फरवरी 2026 में ऊखीमठ के उपजिलाधिकारी से शिकायत की थी। इसके बाद विभाग के अधीक्षण अभियंता और रुद्रप्रयाग पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता की ओर से निर्माण एजेंसी को चेतावनी पत्र जारी किया गया, लेकिन उनके अनुसार इसके आगे कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में लगातार देरी के बावजूद संबंधित फर्म के खिलाफ अब तक केवल पत्राचार तक कार्रवाई सीमित रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकारी योजनाओं के निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे नहीं होंगे और लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों पर कार्रवाई नहीं होगी तो ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाना मुश्किल होगा।

नेगी ने सड़क निर्माण में देरी के लिए जिम्मेदारी तय करने और संबंधित निर्माण एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सड़क का अधूरा निर्माण विभागीय कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।