सीटू से संबद्ध आंगनवाड़ी कार्यकत्री सेविका कर्मचारी यूनियन ने मुख्यमंत्री को बताया झूठ का पुलिंदा
देहरादून। सीटू से संबद्ध आंगनवाड़ी कार्यकत्री सेविका कर्मचारी यूनियन ने मानदेय बढ़ाने, सामाजिक सुरक्षा और सेवानिवृत्ति के बाद ग्रेज्युटी समेत विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। यूनियन 15 सितंबर 2026 से प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेगी। इसके बाद ब्लॉक स्तर पर धरना-प्रदर्शन और राज्य सचिवालय में महापड़ाव की भी चेतावनी दी गई है।
उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में सीटू के जिला महामंत्री लेखराज, यूनियन की महामंत्री चित्रकला, कोषाध्यक्ष लक्ष्मी पंत, ज्योतिका पांडेय, सुनीत रावत, मनीषा राणा और रजनी बर्त्वाल समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
सीटू के जिला महामंत्री लेखराज ने राज्य सरकार पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से किए गए वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 3 मार्च 2024 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मानदेय बढ़ाने के संबंध में हाईपावर कमेटी गठित की थी, लेकिन इसके बावजूद मानदेय में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2019 के बाद केंद्र सरकार और वर्ष 2021 के बाद राज्य सरकार की ओर से मानदेय में वृद्धि नहीं की गई है।
यूनियन की महामंत्री चित्रकला ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सेविकाओं को सामाजिक सुरक्षा का लाभ दिया जाना चाहिए। उन्होंने सेवानिवृत्ति के बाद ग्रेज्युटी का भुगतान नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए न्यूनतम वेतन देने की मांग की।
ज्योतिका पांडेय ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से विभागीय कार्यों के अतिरिक्त अन्य जिम्मेदारियां लिए जाने का विरोध किया। उन्होंने राशन कार्डों के सत्यापन का काम भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सौंपे जाने का विरोध करने की बात कही।
प्रांतीय कोषाध्यक्ष लक्ष्मी पंत ने बताया कि 15 सितंबर को दोपहर एक बजे देहरादून स्थित सीटू कार्यालय में कार्यकर्ता एकत्र होंगे। इसके बाद जिला मुख्यालय कूच कर जिलाधिकारी के माध्यम से मांगपत्र भेजा जाएगा।
यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि 17 सितंबर से ब्लॉक स्तर पर धरना-प्रदर्शन शुरू किए जाएंगे। इसके बाद 18, 19 और 20 नवंबर 2026 को राज्य सचिवालय के समक्ष राज्य स्तरीय महापड़ाव आयोजित किया जाएगा। वहीं, दिसंबर 2026 में दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन में भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल होंगी।
