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उत्तराखंड आन्दोलन के वरिष्ठ नेता नवनीत गुंसाई को श्रद्धांजलि, शहीद स्थल पर उमड़ी शोकाकुल भीड़

देहरादून। वरिष्ठ उत्तराखंड आन्दोलनकारी, राष्ट्रीय उत्तराखण्ड पार्टी के केन्द्रीय अध्यक्ष एवं राज्य आन्दोलनकारी संयुक्त परिषद के संरक्षक नवनीत गुंसाई को आज शहीद स्थल पर नम आँखों से श्रद्धांजलि दी गई। सैकड़ों की संख्या में विभिन्न विचारधाराओं के लोग, उत्तराखंड आन्दोलनकारी, विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि, महिला संगठनों के पदाधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्त्ता शहीद स्थल पर एकत्रित हुए और उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

हालाँकि श्रद्धांजलि सभा हाल में आयोजित की गई थी, लेकिन इतनी भीड़ उमड़ी कि शहीद स्थल खचाखच भर गया। वक्ताओं ने नवनीत गुंसाई के जीवन, संघर्ष और उत्तराखंड आन्दोलन में उनके योगदान को याद किया।

कौन थे नवनीत गुंसाई?
नवनीत गुंसाई उत्तराखंड राज्य निर्माण आन्दोलन के एक जुझारू एवं वरिष्ठ नेता थे। वे राष्ट्रीय उत्तराखण्ड पार्टी के केन्द्रीय अध्यक्ष तथा उत्तराखण्ड आन्दोलनकारी परिषद के संरक्षक थे। राज्य आन्दोलनकारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष के रूप में वे निरन्तर जनमुद्दों पर सक्रिय रहे। 2024 के लोकसभा चुनाव में वे टिहरी क्षेत्र से प्रत्याशी भी रहे।

जनता के मुद्दों पर अटूट संघर्ष
वक्ताओं ने कहा कि नवनीत गुंसाई एक ईमानदार, मेहनती और जुझारू व्यक्तित्व के धनी थे। वे सदैव जनता के पक्ष में खड़े रहते थे। उन्होंने व उनके साथियों ने जनता दल में रहते हुए उत्तराखंड निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया और तत्कालीन प्रधानमंत्री देवगौड़ा से उत्तराखंड राज्य निर्माण की घोषणा करवाई। राज्य बनने के बाद भी वे जनविरोधी एवं विकास विरोधी नीतियों का डटकर विरोध करते रहे।

वे हिन्दू-मुस्लिम एकता के प्रबल पक्षधर थे और साम्प्रदायिक एवं विभाजकारी तत्वों का जमकर विरोध करते थे। हाल ही में झण्डा बाजार में अल्पसंख्यकों पर हुए हमले का भी उन्होंने मुखर होकर विरोध किया।

श्रद्धांजलि सभा में उमड़ी भीड़
श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में आन्दोलनकारी, राजनैतिक एवं सामाजिक कार्यकर्त्ता शामिल हुए। प्रमुख रूप से उपस्थित लोगों में शामिल हैं:

· बालेश बबानिया – महामंत्री, आयूपी
· सुरेश कुमार – अध्यक्ष, उत्तराखण्ड आन्दोलनकारी संयुक्त परिषद
· लताफत हुसैन – केन्द्रीय महामंत्री, यूकेडी
अम्बुज शर्मा वरिष्ठ राज्य आन्दोलनकारी,
· अनन्त आकाश – सचिव, सीपीएम
· राजेश शर्मा, चिन्तन सकलानी – केन्द्रीय प्रवक्ता
· प्रभात डण्डरियाल – अध्यक्ष, नेताजी संघर्ष समिति
· पूरणसिंह लिंगवाल – वरिष्ठ राज्य आन्दोलनकारी
· इन्दु नौडियाल – उपाध्यक्ष, जनवादी महिला समिति
· अमित परमार, शिव प्रसाद देवली – पूर्व जिलापंचायत अध्यक्ष
· सुरेंद्र सजवाण – उपाध्यक्ष, किसान सभा
· सुभागा फर्सवाण, प्रदीप कुकरेती – प्रवक्ता उत्तराखंड आन्दोलनकारी मंच
· मोहनसिंह रावत, राजेंद्र पुरोहित – राज्यसचिव, सीपीएम,विवेक खण्डूरी, बीरेंद्र पोखरियाल
· लेखराज – पूर्व छात्र संघ, डीएवी महाविद्यालय
· केशव उनियाल, रामपाल सिंह, बबीता अनन्त (एक्टर), रमेंश रतूडी
· निशा मस्ताना, धर्मानंद भट्ट, भगतसिंह अनुराधा
· शम्भूपसाद ममगाई – महामंत्री, एआईएलयू
· नुरैशा, शाकुम्भरी रावत, शम्भुपसाद भट्ट, नरेंद्र नौटियाल
· पुष्पा रावत, मीरा गुंसाई,
· विनोद कटारिया,
· जगमोहन नेगी – अध्यक्ष,

शोक सभा में जगमोहन सिंह नेगी, प्रदीप कुकरेती, केशव उनियाल, रामलाल खंडूड़ी, सतेंद्र भंडारी, गणेश डंगवाल, सुरेश कुमार, निर्मला बिष्ट सहित अनेक राज्य आन्दोलनकारियों ने शोक व्यक्त किया।
इस अवसर पर राज्य आन्दोलनकारी मंच
· पारूल बिष्ट, आनन्द सिंह तडियाः, बिजय पाह्ववा, बलबीर सिंह नेगी
· भगवन्त पयाल, रविंद्र नौडियाल, कृष्ण गुनियाल (सीटू)
· अरूणा थपलियाल, सतीश धौलाखण्डी (रंगकर्मी)
· हरजिन्दरसिंह अध्यक्ष जेडीएस , निर्मला बिष्ट उपाध्यक्ष महिला मंच(उपस्थित)
· कल्पेश्वरी, पुष्पलता वैश्य, सुशीला चन्दोला
· ओमी उनियाल – वरिष्ठ राज्य आन्दोलनकारी
· पूर्णा ध्यानी, लोकबहादुर थापा, शक्ति तडियाल, आनन्द सिंह
· प्रियंका रानी – एडवोकेट, तारा पाण्डेय, सुलोचना भट्ट
· मुकेश मोधा, लक्ष्मीदेवी, इन्द्रादेवी, कमलेश, गंगा देवी
· सोनी नेगी, रमेंश रावत, विमला रावत, मायादेवी
· अजय तिवारी, यशोदा ममगाई, राजदुलारी लोधा, राजेश्वरी
· आशा बिष्ट, कमला राणा, शान्ति तडियाल
· डा. मंजूबाला, गुरूप्रसाद, सुरेशी, पंकज सिंह
· लुशन टोडरिया, अल्का, इकबाल, आशा डंगवाल
· गौरादेवी, दुर्गा ध्यानी रतूडी – एडवोकेट
· प्रेम सिंह नेगी सहित सैकड़ों आन्दोलनकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

चौराहे का नामकरण करने की मांग
श्रद्धांजलि सभा के दौरान वक्ताओं ने कचहरी के पास स्थित चौराहे का नाम नवनीत गुंसाई के नाम पर रखने की मांग की। आन्दोलनकारियों ने कहा कि उत्तराखंड आन्दोलन में उनके अतुलनीय योगदान को सदैव याद रखा जाएगा और उनकी कमी हमेशा खलती रहेगी।
श्रृद्धांजलि सभा का संचालन आयूपी के केन्द्रीय महामंत्री बालेश बबानिया, उत्तराखंड आन्दोलनकारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष सुरेश कुमार, प्रवक्ता चिन्तन सकलानी एवं बरिष्ठ राज्य आन्दोलनकारी अम्बुज शर्मा ने संयुक्त श्ररूप से किया

जारीकर्ता
बालेश बबानिया
केन्द्रीय अध्यक्ष आयूपी
सुरेश कुमार
आन्दोलनकारी संयुक्त परिषद