देहरादून। यमुना कालोनी स्थित गोविंदगढ़ वार्ड नंबर 34 में सिंचाई विभाग द्वारा बनाई जा रही सुरक्षा दीवार (पुश्ता) में बड़ी लापरवाही और अनियमितता का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों के एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी देहरादून को ज्ञापन देकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
प्रतिनिधिमंडल का आरोप है कि सिंचाई विभाग पुराने एवं जीर्ण-शीर्ण पुश्ते को हटाने के बजाय, उससे 2 फीट अंदर यानी नदी में घुसकर नई दीवार का निर्माण कर रहा है। इससे छोटी बिंदाल नदी की चौड़ाई दोनों तरफ से कम होकर चार फीट सिमट जाएगी, जिससे नदी एक संकरी नाली में बदल जाएगी। भारी बारिश में पानी के ओवरफ्लो होने से आसपास की कॉलोनियों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।

ज्ञापन में क्षेत्रीय विधायक सविता कपूर के निर्देशों की अवहेलना का भी आरोप लगाया गया है। प्रतिनिधिमंडल ने तीन प्रमुख मांगें रखीं:
1. तुरंत निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाए।
2. पहले पुराने पुश्ते को हटाया जाए, उसके बाद ही तकनीकी मानकों से निर्माण हो।
3. बिंदाल और रिस्पना नदियों में बाढ़ सुरक्षा के लिए प्रभावी एवं पर्यावरण अनुकूल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से सीपीएम सचिव अनन्त आकाश, राष्ट्रीय उत्तराखंड पार्टी के केन्द्रीय अध्यक्ष नवनीत गुंसाई, यूकेडी की वरिष्ठ नेत्री प्रमिला रावत, सीटू जिला उपाध्यक्ष भगवन्त पयाल,नेताजी संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रभात डण्डरियाल, उत्तराखण्ड आन्दोलनकारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार, राजेश शर्मा आदि उपस्थित थे।
ज्ञापन की एक प्रति अधिशासी अभियंता (नियोजन सिंचाई विभाग) और सहायक अभियंता को भी भेजी गई है।
