देहरादून। देहरादून में विश्व पृथ्वी दिवस और गांधी जी के सत्याग्रह नमक छोड़ो आंदोलन की 96वीं वर्षगांठ के अवसर पर बुधवार को खाराखेत स्थित नून नदी स्मारक पर विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा संयुक्त रूप से कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम में मैती आंदोलन, संयुक्त नागरिक संगठन, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी, महावीर सेवा समिति और पहाड़ी पैडलर ग्रुप सहित कई संगठनों ने भागीदारी की। वन विभाग की टीम के साथ रेंज अधिकारी सुनेल पनेरु की मौजूदगी में पर्यावरण प्रेमियों और युवा पैडलर्स ने पौधारोपण अभियान चलाया।
आयोजित संवाद सत्र में वक्ताओं ने जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान और प्लास्टिक प्रदूषण को गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए जन-जागरूकता बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों से प्लास्टिक और पॉलीथीन के इस्तेमाल को पूरी तरह बंद करने तथा रीसाइक्लिंग और रीयूज को अपनाने की अपील की।

वक्ताओं ने यह भी कहा कि एयर कंडीशनर का अत्यधिक उपयोग पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है, जिससे शहरी क्षेत्रों में तापमान और प्रदूषण बढ़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि कुछ लोगों की सुविधा के लिए आमजन के स्वास्थ्य से समझौता करना उचित नहीं है।
कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी निभाने और सतत जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।

