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रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड रोड निरस्त करने की मांग, सीएम को सौंपा ज्ञापन

देहरादून। रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना को निरस्त करने और उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन के छूटे हुए आंदोलनकारियों के पुनः चिन्हीकरण की मांग को लेकर मंगलवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी देहरादून के माध्यम से मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन बस्ती बचाओ आंदोलन और उत्तराखण्ड आन्दोलनकारी संयुक्त परिषद के संयुक्त तत्वावधान में दिया गया।

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि प्रशासन की ओर से यह ज्ञापन नायब तहसीलदार सदर सेमवाल को सौंपा गया, जिन्होंने मांगों पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

एलिवेटेड रोड परियोजना पर जताई आपत्ति

प्रतिनिधिमंडल ने रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग करते हुए कहा कि इससे हजारों परिवारों के बेघर होने का खतरा पैदा हो सकता है। उनका कहना है कि यह परियोजना उस वादे के विपरीत है, जिसमें बस्तियों को नहीं हटाने की बात कही गई थी।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रस्तावित एलिवेटेड रोड से रिस्पना और बिंदाल नदियों के प्राकृतिक बहाव पर असर पड़ सकता है, जिससे भविष्य में जलभराव और बाढ़ जैसी समस्याएं बढ़ने की आशंका है। इसके अलावा बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई से पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच सकता है।

प्रतिनिधिमंडल ने सुझाव दिया कि एलिवेटेड रोड के बजाय शहर की आंतरिक सड़कों और पुलों का पुनर्निर्माण किया जाए तथा सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत किया जाए।

छूटे आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की मांग

उत्तराखण्ड आन्दोलनकारी संयुक्त परिषद ने राज्य आंदोलन के उन सेनानियों के पुनः चिन्हीकरण की मांग भी उठाई, जो अब तक किसी कारणवश सरकारी लाभ से वंचित हैं। परिषद का कहना है कि राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष को देखते हुए एक विशेष समिति बनाकर जिला स्तर पर दोबारा सुनवाई का अवसर दिया जाना चाहिए।

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी मांग की कि जिन आंदोलनकारियों के पास लिखित प्रमाण नहीं हैं, उनके लिए स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रमाण-पत्र, सह-आंदोलनकारियों के शपथ-पत्र और उस समय के समाचार पत्रों की कतरनों को भी साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया जाए।

साथ ही जिन आंदोलनकारियों का निधन हो चुका है और जो चिन्हीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके, उनके आश्रितों को पेंशन और अन्य सुविधाएं प्रदान करने की भी मांग की गई।

प्रतिनिधिमंडल में अनंत आकाश, नवनीत गुसाईं, लेखराज, बालेश बबानिया, भगवन्त पयाल, रविंद्र नौडियाल, अभिषेक भंडारी, हिमांशु चौहान, एडवोकेट अनुराधा मन्दोला, प्रभात डंडरियाल सहित कई लोग मौजूद रहे।