देहरादून। राजधानी देहरादून में बिगड़ती कानून व्यवस्था और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल पर हुए हमले के विरोध में विभिन्न राजनीतिक दलों और जनसंगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजते हुए सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। ज्ञापन उपजिलाधिकारी मुख्यालय अपूर्वा सिंह ने स्वीकार करते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
ज्ञापन में कहा गया कि 21 फरवरी को ननूरखेड़ा स्थित प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में हुई घटना ने पूरे प्रदेश में असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। प्रतिनिधियों का कहना है कि जब एक वरिष्ठ अधिकारी ही सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है। इस घटना से शिक्षा विभाग, कर्मचारी संगठनों और आम लोगों में भारी आक्रोश है।
घटना के अनुसार, रायपुर क्षेत्र के एक प्राथमिक विद्यालय के नामकरण विवाद को लेकर कुछ लोग विधायक उमेश शर्मा काऊ के नेतृत्व में निदेशक से मिलने पहुंचे थे। बातचीत के दौरान विवाद बढ़ने पर निदेशक पर हमला कर दिया गया, जिसमें उनके सिर पर गंभीर चोट आई और उन्हें टांके लगाने पड़े।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि घटना के बावजूद अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जो कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। यह भी कहा गया कि प्रभावशाली लोगों के कारण कार्रवाई में देरी हो रही है।
इस घटना के विरोध में शिक्षक संगठनों ने भी कड़ा रुख अपनाया है। राजकीय शिक्षक संघ ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई, तो उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाओं का बहिष्कार किया जाएगा। वहीं, टिहरी के शिक्षकों ने इसे पूरे शिक्षक समाज का अपमान बताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
ज्ञापन में प्रदेश की कानून व्यवस्था सुधारने और हमले में शामिल सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। इस दौरान कई संगठनों और दलों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
