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वाममोर्चा 11 जनवरी को शहीद नागेन्द्र सकलानी व मोलू भरदारी को देगा श्रद्धांजलि

देहरादून। वाममोर्चा से जुड़े दलों—सीपीआई, सीपीआई (एम), सीपीआई (माले) और अन्य समान विचारधारा वाले संगठनों ने 11 जनवरी 2026 को टिहरी राजशाही के खिलाफ संघर्ष में शहीद हुए कामरेड नागेन्द्र सकलानी और मोलू भरदारी के बलिदान दिवस की 76वीं वर्षगांठ मनाने का ऐलान किया है। इस अवसर पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ-साथ वाममोर्चा विभिन्न संगठनों और विपक्षी दलों द्वारा आयोजित उत्तराखंड बंद में भी सहभागिता करेगा, जो अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर बुलाया गया है।

वाममोर्चा की ओर से जारी बयान के अनुसार, 11 जनवरी को सुबह 11 बजे देहरादून स्थित गांधी पार्क के समक्ष शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके बाद वाममोर्चा कार्यकर्ता शहर के विभिन्न हिस्सों में जाकर संघर्षरत जनता के साथ एकजुटता प्रदर्शित करेंगे और आंदोलन को समर्थन देंगे।

वाममोर्चा ने अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रहीं ज्योति अधिकारी की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है। इसके साथ ही आंदोलन के दौरान तथाकथित स्वामी दर्शन भारती की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उत्तराखंड की जनता उनकी गतिविधियों से भली-भांति परिचित है। वाममोर्चा का आरोप है कि पुरोला, जोशीमठ और देहरादून सहित विभिन्न क्षेत्रों में अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों में उनकी भूमिका सामने आती रही है और वे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सरकार के हित में काम कर रहे हैं।

वाममोर्चा ने अंकिता भंडारी मामले में मुख्यमंत्री, भाजपा और पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। संगठन का आरोप है कि तीनों मिलकर असली दोषियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके साथ ही वाममोर्चा ने नस्लीय हिंसा में मारे गए त्रिपुरा के छात्र एंगिल चकमा के लिए भी न्याय की मांग की है।

वाममोर्चा ने राज्य में बढ़ती बलात्कार की घटनाओं और इसे संरक्षण देने वाली राजनीति का कड़ा विरोध किया। साथ ही सरकार पर साम्प्रदायिक तत्वों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में अल्पसंख्यकों पर हमले, मजारों और धार्मिक स्थलों पर बुलडोजर कार्रवाई की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिसकी वे निंदा करते हैं।

इसके अलावा, वाममोर्चा ने संघ समर्थित बताए जा रहे ‘वसूली मोर्चा’ नामक सोशल मीडिया ग्रुप पर फर्जी ऑडियो और वीडियो के जरिए वाममोर्चा को बदनाम करने का आरोप लगाया। संगठन ने बताया कि संबंधित सामग्री जांच के लिए एलआईयू, सीआईबी और मीडिया को भेज दी गई है तथा ग्रुप संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।

इस मौके पर सीपीएम केंद्रीय कमेटी सदस्य राजेन्द्र नेगी, सीपीआई के पूर्व राज्य सचिव समर भंडारी, सीपीआई (माले) के राज्य सचिव इन्द्रेश मैखुरी, सीपीएम राज्य सचिव अनन्त आकाश सहित इन्दु नौडियाल, लेखराज, नितिन मलेठ और अशोक शर्मा समेत कई नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।