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रेड टेप आंदोलन के प्रणेता प्रभात मिश्र को मिलेगा 2025 का ‘निर्मल कुमार जोशी वन्यजीव संरक्षण पुरस्कार’

गोपेश्वर। सीपी भट्ट पर्यावरण एवं विकास केंद्र द्वारा स्व. निर्मल कुमार जोशी की स्मृति में दिए जाने वाले प्रतिष्ठित ‘निर्मल कुमार जोशी वन्यजीव संरक्षण पुरस्कार’ के लिए इस वर्ष रेड टेप आंदोलन के संस्थापक प्रभात मिश्रा का चयन किया गया है। मिश्रा को यह सम्मान पर्यावरण, वन्यजीव तथा जैव विविधता के संरक्षण के जनभागीदारी के द्वारा लोक चेतना विकसित करने के लिए रेड टेप मूवमेंट के उनके दीर्घकालिक और प्रभावी कार्यों के लिए प्रदान किया जाएगा।

स्व. निर्मल कुमार जोशी देश के पहले भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी थे, और चिपको आंदोलन के शुरुआती दौर में। केदारनाथ और बद्रीनाथ वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी के रूप में उन्होंने चिपको आंदोलन में अधिकारी के रूप में सकारात्मक भूमिका निभाई थी। चिपको कमेटी की रिपोर्ट लेखन से लेकर उसकी संस्तुतियों को लागू कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उनकी स्मृति में यह पुरस्कार उन सेवारत वनविदों और वनकर्मियों और अधिकारियों को दिया जाता है जिन्होंने वन्य और जीव संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। वनविद एवं प्रशासक एवं बी डी सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को पुरस्कार चयन समिति की बैठक के बाद रेड टेप मूवमेंट के संस्थापक प्रभात मिश्रा को सर्वसम्मति से चयन किया गया।

चयन समिति के अध्यक्ष बी.डी. सिंह ने बैठक के बाद जानकारी दी कि प्रभात मिश्रा पिछले 17 वर्षों से ‘रेड टेप आंदोलन’ के जरिए ग्रामीणों , स्कूली छात्र-छात्राओं और स्वयंसेवी कार्यकर्ताओं के जरिए उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में पुराने पेड़ों के संरक्षण और ने इलाकों को हरा-भरा करने के अभियान में जुटे हैं। उत्तर प्रदेश के इटावा जनपद में वर्ष 2005 में जिला वचतअधिकारी के रूप में कार्य करते हुए मिश्रा ने विश्व पर्यावरण दिवस पर इस आंदोलन की शुरुआत की थी, जो अब उत्तर प्रदेश और चंबल के कई क्षेत्र में व्यापक रूप ले चुका है।

इस अभियान के तहत अवकाश के दिनों में कार्यकर्ता नजदीकी गांवों में जाकर ग्रामीणों को ग्लोबल वार्मिंग, पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हैं। साथ ही वृक्षारोपण कर पुराने वृक्षों पर लाल रिबन बांधते हैं, जो पेड़ों की सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। हर सोमवार पौधों को पानी देने और उनके संरक्षण के प्रयास भी इस अभियान का हिस्सा हैं।

छात्रों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने के लिए मिश्रा ने विद्यालयों में ‘पर्यावरण संसद’ का गठन कर एक अनूठी पहल की है, जो विश्व स्तर पर अपनी तरह का पहला छात्र संगठन माना जाता है।

पुरस्कार चयन समिति की बैठक सर्वोदय केंद्र में आयोजित की गई, जिसमें अध्यक्ष बी.डी. सिंह, सचिव ओम प्रकाश भट्ट, विनय सेमवाल और समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।